नये सवेरे को लेकर , देखो सूरज आया है
उम्मींदों के पर पाके , हर शै मुस्काया है
नए-नए सपने जागे हैं , आशाओं के भूपर
सिहरन सी होती है मन में ,अरमानों को छूकर
भरे कुलांचे मन का पंछी , गाने लगा तराने
एकत्रित कर शक्ति सारी , उड़ने लगा उड़ाने
झरने लगे हैं पीले पत्ते , नव पल्लव है आया
काँटों के साये से निकलकर , कली-कली मुस्काया
नई उमंगों नई तरंगों , ने पर फैलाया है
दो हजार खुशियों के पल , लेकर ग्यारह आया है
नव भारती सेवा ट्रस्ट की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है महिलाओं का सशक्तिकरण। बदलते वक्त के साथ महिलाओं को भी अपनी परिधि का विस्तार करना होगा, यही समय की मांग है। समाज मे उपेक्षित रूप से जी रहीं महिलाओं को हम उनके ताक़त का भान कराकर उन्हें अपने सम्मानित रूप से जीने का अधिकार प्राप्त करने में सहायता प्रदान करते है|
January 2, 2011
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