ठंढी हवा जब डोलेगी , कोयल कुहू बोलेगी
यादों में खो जाओगे , मुझको भूल न पाओगे
साथ कभी जब हम तुम थे , खुशियों की धुन में गुम थे
कैसे वो बिसराओगे , मुझको भूल न पाओगे
आँखें गम से नम होंगे , फिर भी दर्द न कम होंगे
अपने पे पछताओगे , मुझको भूल न पाओगे
आह उठेगी सीने में , मुश्किल होगी जीने में
चाहे कहीं भी जाओगे , मुझको भूल न पाओगे
सहलाओगे दिल अपना , जोड़ोगे टूटा सपना
ऐसे जी बहलाओगे , मुझको भूल न पाओगे
तड़पोगे मुझे पाने को , फिर से प्यार जताने को
सपने नये सजाओगे , मुझको भूल न पाओगे
किस्मत में ही रोना था , हुआ वही जो होना था
यूँ खुद को समझाओगे , मुझको भूल न पाओगे
दिल के कोने कोने में , यादें मेरी संजोने में
सारी उमर बिताओगे , मुझको भूल न पाओगे
नव भारती सेवा ट्रस्ट की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है महिलाओं का सशक्तिकरण। बदलते वक्त के साथ महिलाओं को भी अपनी परिधि का विस्तार करना होगा, यही समय की मांग है। समाज मे उपेक्षित रूप से जी रहीं महिलाओं को हम उनके ताक़त का भान कराकर उन्हें अपने सम्मानित रूप से जीने का अधिकार प्राप्त करने में सहायता प्रदान करते है|
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